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डॉ नुस्खे सांस फूलने की बीमारी में सबसे जरूरी है इसके कारण का पता होना सां फूलना एक ऐसा लक्षण हैं, जो काफी आम है। मरीज परेशान रहता है एवं भयभीत रहता है कि कहीं जान चली जाए। कई बार तो काफी… सांस फूलने की बीमारी में सबसे जरूरी है इसके कारण का पता होना सांस फूलना एक ऐसा लक्षण हैं, जो काफी आम है। मरीज परेशान रहता है एवं भयभीत रहता है कि कहीं जान चली जाए। कई बार तो काफी जांच पड़ताल के बावजूद पता नहीं चलता कि आखिर सांस क्यों फूल रहा है। मरीज एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर भटकता रहता है, इलाज नहीं हो पाता। ऐसे में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत पड़ती है। कारण का पता लगते ही, इलाज काफी आसान हो जाता है। सांस फूलना या सांस ठीक से लेने का अहसास होना, संक्रमण, सूजन, एलर्जी, चोट मेटावोलिक परिस्थितियां एवं अन्य कई कारणों की वजह से हो सकता है। दमा के मरीजें में यह बीमारी सिगरेट एवं प्रदूषित वातावरण में रहने के कारण होती है। 80-90 % {हृदय की बीमारी {सांस की नली में रुकावट {निमोथोरेक्स { प्लूरल इफ्यूजन {हीमोथोरेक्स {एलर्जी जिसमें दम फूले {लंग कैंसर {एनीमिया {आईएलडी {मोटापा {ज्यादा ऊंचाई पर जाने पर {छाती में चोट या बाहरी दबाव {प्रदूषित वातावरण लक्षण

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खांसी,वुखार, सांस में दिक्कत, छाती दर्द, सांस की गति तेज होना, धड़कन तेज होना, थकावट, ब्लड़ प्रेशर कम होना, छाती में विशिष्ट आवाज मुख्य लक्षण है। पहचान क्या आप झड़ते बालो की समस्या से परेशान है तो दिए गए लिंक पर क्लिक करें https://waapp.me/wa/dHvfRkC1

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ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें। क्लिनिकल जांच, खून जांच एवं छाती का एक्स-रे द्वारा निमोनिया की पहचान की जाती है। अस्थमा ( दमा), साँस की तकलीफ की आयुर्वेदिक उपचार दवाई घर बैठे प्राप्त करने के लिए Whatsapp 9654-860649 करें या लिंक पर क्लिक करें http://bit.ly/2LUEpbE

फेफड़े के सूजन को निमोनिया कहते है। दुनिया की 7 प्रतिशत आबादी की मौत निमोनिया एवं इससे जनित जटिल समस्याओं से हाेती है। निमोनिया किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन निमोनिया सबसे ज्यादा पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होता है। विकासशील देशों में यह विकसित देशों के अपेक्षा पांच गुना ज्यादा होता है। निमोनिया का सही ढंग से इलाज होने पर, छाती में पानी एवं मवाद बन सकता है, जिससे मरीज जटील समस्याओं से घिर जाता है। अधिक से अधिक जानकारी पाने के लिए या

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