बृहस्पति को शुभ फल देने वाला गृह माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति पितरदोष, हानि, लेन-देन और व्यापारिक यात्रा को संबोधिक करता है। बृहस्पति का कुंडली में बिगड़ना, दुर्भाग्य, पितरों की अशांति, आर्थिक नुकसान और व्यवसाय में बाधा लेकर आता है। वहीं दूसरी और बृहस्पति का उच्च होकर […]

भक्ति करते समय भगवान के सामने किसी तरह की शर्त नहीं रखनी चाहिए, जबकि अधिकतर लोग भगवान से पूजा-पाठ करते समय, भक्ति करते समय कुछ न कुछ मांगते जरूर हैं। इस संबंध में एक कथा प्रचलित है। कथा में बताया गया है कि सच्चे भक्त को किस बात का ध्यान […]

सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व विशेष महत्व रखता है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को आता है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा कल यानी 12 नवंबर को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो इस दिन महादेव ने त्रिपुरासुर नामक असुर […]

श्रीकृष्ण के कहने पर भीष्म पितामह ने बताए थे स्वस्थ्य जीवन के सूत्र, जो हर इंसान को अपनाना चाहिए श्रीकृष्ण के कहने पर धर्म को ध्यान में रखते हुए भीष्म पितामह ने राजधर्म, मोक्षधर्म और आपद्धर्म आदि का मूल्यवान उपदेश बड़े विस्तार के साथ दिया। उन्होंनेअपने उपदेश में जो बातें […]

मंगलवार, 12 नवंबर कार्तिक मास की पूर्णिमा है, इस दिन सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव की जयंती है। इस साल 550वीं जयंती मनाई जा रही है। गुरुनानक से जुड़े एक ऐसे प्रेरक प्रसंग प्रसंग प्रचलित हैं, जिनमें सुखी और सफल जीवन के सूत्र छिपे हैं। यहां जानिए एक ऐसा […]

मनुष्य के शरीर पर बहुत से निशान ऐसे होते हैं जो जन्म से ही रहते हैं और कुछ निशान ऐसे भी होते हैं जो जन्म के काफी समय बाद शरीर पर दिखाई देने लगते हैं। समुद्रशास्त्र के अनुसार इन चिन्हों का कुछ न कुछ महत्व होता है। आपके शरीर पर […]

नानक ने अपने दर्शन को तीन सूत्रों में कहा – किरत करो, जप करो, वंड छको यानी काम, पूजा और दान करो। उनके यहां न ‘नमस्ते’ है और न ही ‘सलाम वालेकुम’। वहां सिर्फ ‘सत-करतार’ है, जिसका संबंध सत्य कर्ता से है। साधना और अध्यात्म की दिव्य प्रेरणा के अप्रतिम […]

सोते हुए सपने देखना आम बात है। कहा जाता है कि जो दिन भर में व्यक्ति सोचता है वही सपने में दिखाई देता है। लेकिन कई बार कुछ सपने ऐसे आ जाते हैं जो हमे परेशान कर देते हैं। समुद्र शास्त्र कहता है कि हर एक सपने का कुछ न कुछ […]

मौर्य वंश की स्थापना करने वाले चंद्रगुप्त मौर्य के साम्राज्य को विस्तार करने में चाणक्य की अहम भूमिका रही है। चाणक्य के कार्य और उनकी नीतियां आरंभ से प्रेरणादायी और अनुकरणीय रहे हैं। आचार्य चाणक्य ने जीवन के हरेक पहलुओं पर अपने विचार रखें हैं। चाणक्य ने एक आदर्श पत्नी […]

सिख धर्म के संस्थापक और उनके प्रथम गुरू नानक देव जी का 550वां जन्मदिवस 12 नवंबर दिन मंगलवार को है। नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था, इसलिए इसे प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। समाज को एक नई सोच और दिशा देने वाले […]

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