गाजर के फायदे गजब की घोड़े जैसी मरदाना ताकत, उपयोग

1.आंखों के लिए

गाजर आंखों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। इसका नियमित सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज करने में मदद मिलती है। गाजर विटामिन-ए से भरपूर होती है और विटामिन-ए आंखों के लिए जरूरी पोषक तत्व है। ऐसे में रोजाना गाजर का सेवन करने से शरीर में विटामिन-ए की कमी नहीं होती। आपको बता दें कि विटामिन-ए प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर को मुक्त कणों से बचाकर रखता है (3)। आंखों के लिए गाजर को पकाकर खाने की तुलना में कच्चा खाना ज्यादा फायदेमंद माना गया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, गाजर में मौजूद कैरोटीन नामक तत्व रात में कम दिखने की समस्या से निपटने में मदद करता है (4)। ऐसे में, अगर किसी को रात में कम दिखने की समस्या है, तो उसे अपने आहार में गाजर शामिल करनी चाहिए।

2. हृदय स्वास्थ्य
गाजर हृदय के मरीजों के साथ-साथ उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। यह खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर हार्ट अटैक के जोखिम को कम करती है। गाजर का रस तनाव को कम करता है, जिससे हृदय भी स्वस्थ बना रहता है। गाजर शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम भी करती है, ताकि शरीर इन बीमारियों से लड़ सके (5)।

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए भी गाजर खाने की सलाह दी जाती है। कच्ची गाजर खाने से मसूड़े साफ रहते हैं और प्लाक की समस्या नहीं होती। इसके अलावा, गाजर कैविटी और मुंह की दुर्गंध को भी दूर करने का काम करती है। गाजर एंटीमाइक्रोबियल गुणों से समृद्ध होती है (6), इसलिए यह मुंह के बैक्टीरिया को पनपने से रोकती है। अगर आप स्वस्थ दांत चाहते हैं, तो गाजर का सेवन जरूर करें।

4. कैंसर से बचाव

अध्ययनों से पता चला है कि गाजर कैंसर के खतरे को कम कर सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि गाजर पॉली-एसिटिलीन, एंटीऑक्सीडेंट व फालकैरिनोल से भरपूर होती है, जो कैंसर से लड़ने का काम करते हैं। गाजर कैंसर कोशिकाओं को विकासित होने से रोकती है (7)। एक अध्ययन के अनुसार, गाजर का नियमित सेवन गैस्ट्रिक कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है (8)।

5. पाचन में मददगार

गाजर फाइबर का अच्छा स्रोत है, जिससे आपको मल त्यागने में कठिनाई नहीं होती। गाजर पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है। इसकी मदद से भोजन अच्छी तरह पचता है (9)। यही कारण है कि कब्ज और एसिडिटी में भी गाजर फायदा पहुंचाती है। ऐसे में, पाचन के लिए आप रोजाना गाजर का जूस पी सकते हैं या फिर गाजर खा सकते हैं।

6. उच्च रक्तचाप के लिए

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आप गाजर का सेवन कर सकते हैं। गाजर पोटैशियम और बीटा-कैरोटीन तत्वों से समृद्ध होती है (10) (11), जो रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं। गाजर का रस ह्रदय और गुर्दे के कार्यों को नियंत्रित करके सामान्य रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है।

7. एजिंग से बचाव

गाजर में बीटा-कैरोटीन नामक तत्व पाया जाता है (11), जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से रोकता है, जिससे चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां पड़ने की आशंका कम हो जाती है। गाजर में मौजूद कैरोटीनॉयड और विटामिन-ए भी एंटी एजिंग का काम करते हैं (12)।

8. हड्डी का स्वास्थ्य

गाजर में कैल्शियम भी पाया जाता है, जो स्वस्थ और मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी है। हमारा शरीर लगातार हड्डियों से कैल्शियम की छोटी मात्रा को हटाता है और इसे नए कैल्शियम से बदलने का काम करता है। अगर शरीर हड्डियों से अधिक कैल्शियम निकाल लेता है, तो शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनके टूटने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए, शरीर में कैल्शियम की मात्रा बनी रहनी जरूरी है, जिसके लिए आप गाजर का सेवन कर सकते हैं (13)।

9. इम्यून सिस्टम

गाजर विटामिन-सी से समृद्ध होती है। विटामिन-सी को इम्यून बूस्टर के तौर पर जाना जाता है, जिसकी कमी से आपका शरीर कई बीमारियां की चपेट में आ जाता है। शरीर में विटामिन-सी की मात्रा बरकरार रखने के लिए आप रोजाना गाजर का सेवन कर सकते हैं। विटामिन-सी के अलावा गाजर विटामिन-बी6 से भी समृद्ध होती है (14), जो प्रतिरक्षा प्रणाली में बायोकेमिकल रिएक्शन (कोशिका में एक अणु का दूसरे अणु में परिवर्तित होना) को सपोर्ट करती है।

10. मासिक धर्म के दौरान सहायक

गाजर का जूस महिलाओं के लिए फायदेमंद है। ऐसा इसलिए है क्योंकि, गाजर में फाइटोएस्ट्रोजन नामक तत्व पाया जाता है, जो मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करने का काम करता है। इसके अलावा, गाजर रजोनिवृत्ति के बाद भी महिलाओं की मदद करती है, क्योंकि यह हॉट फ्लैशेस और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को स्थिर करने का काम करती है (15)।

11. मधुमेह

मधुमेह के मरीजों के लिए गाजर फायदेमंद हो सकती है। गाजर में बीटा-कैरोटीन नामक तत्व पाया जाता है, जो डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, बीटा-कैरोटीन से ब्लड शुगर नियंत्रित हो सकता है (16)।

12. स्ट्रोक से बचाए

हार्वड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार, गाजर हार्ट अटैक के जोखिम को कम कर सकती है। गाजर बीटा-कैरोटीन और कैरोटीनॉयड जैसे तत्वों से समृद्ध होती है, जो विटामिन-ए परिवार का ही हिस्सा है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, बीटा-कैरोटीन और कैरोटीनॉयड युक्त फल और सब्जी का सेवन करने से स्ट्रोक के जोखिम को 54 प्रतिशत कम किया जा सकता है (17)।

13. प्रेग्नेंसी में सहायक

गर्भावस्था के दौरान गाजर का सेवन करने से कई तकलीफों को दूर किया जा सकता है। गाजर में फोलेट नामक एक विटामिन पाया जाता है, जो खासकर गर्भ में पल रहे बच्चे और मां के लिए लाभकारी हो सकता है। गर्भावस्था के पहले और गर्भावस्था के दौरान फोलेट लेने से बच्चे में ‘न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट’ की आशंका कम हो जाती है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट एक चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें बच्चे की रीढ़, मस्तिष्क और खोपड़ी का विकास ठीक से नहीं हो पाता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भवती महिलाएं गाजर का सेवन कर सकती हैं (18),(19)।

14. शरीर की अंदरूनी सफाई

गाजर बीटा-कैरोटीन व फाइबर जैसे महत्वपूर्ण तत्वों से युक्त होती है (19), जो पाचन में सहायता कर शरीर को आतंरिक रूप से साफ करती हैं। इसके अलावा, फाइबर शरीर का वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करने का काम भी करता है। शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए आप रोजाना ताजे गाजर का जूस पी सकते हैं।

सेहत के लिए गाजर के फायदे जानने के बाद आगे जानते हैं त्वचा के लिए गाजर के लाभ।

त्वचा के लिए गाजर के फायदे – 

अंदरूनी स्वास्थ्य के साथ-साथ गाजर त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। गाजर के एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा संबंधी कई बीमारियों को दूर कर त्वचा को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। नीचे जानिए, स्किन के लिए गाजर के कुछ चमत्कारी लाभ –

दमकती और खूबसूरत त्वचा के लिए आप गाजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाजर विटामिन-सी और कई एंटीऑक्सीडेंट गुणों से युक्त होती है (14), जिस कारण यह त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है। नीचे जानिए दमकती त्वचा के लिए किस प्रकार करें गाजर का इस्तेमाल –

कैसे करें इस्तेमाल?

  • चेहरे के लिए आप गाजर का फेस मास्क बना सकते हैं।
  • इसके लिए आप एक गाजर को अच्छी तरह ग्रांइड कर लें।
  • अब गाजर पेस्ट में एक चम्मच शहद मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को चेहरे पर फेस मास्क की तरह लगाएं।
  • सूखने पर ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
  • आप हफ्ते में दो बार यह प्रक्रिया दोहरा सकते हैं।

2. दाग-धब्बों के लिए

चेहरे से दाग-धब्बे हटाने के लिए भी आप गाजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाजर में मौजूद जरूरी विटामिन त्वचा को साफ रखने का काम करते हैं (14)। गाजर में मौजूद विटामिन-सी एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, जो सोलर रेडिएशन, प्रदूषण और स्मोकिंग के कारण त्वचा को होने वाले नुकसान को कम करता है। वहीं, विटामिन-ई त्वचा के कोलेजन को नियंत्रित करने का काम करता है (20)। दाग-धब्बों से मुक्त त्वचा के लिए आप रोजाना गाजर का जूस पी सकते हैं। इसके अलावा, आप गाजर का फेस पैक भी लगा सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

दाग-धब्बों से मुक्त त्वचा के लिए आप रोजाना गाजर का जूस पी सकते हैं। इसके अलावा, गाजर का फेस पैक भी लगा सकते हैं।

गाजर-पपीता फेस पैक

  • सबसे पहले एक छोटे आकार की गाजर, आधा कप पपीता और आधा कप दूध लें।
  • गाजर व पपीते को छोटा-छोटा काट लें और ग्राइंडर में दूध के साथ डालकर पेस्ट बना लें।
  • अब इस मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाएं और बाद में ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
  • आप हफ्ते में दो बार यह प्रक्रिया दोहरा सकते हैं।

3. एंटी-एजिंग

गाजर विटामिन-सी से समृद्ध होती है (14), जो कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाती है। कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो त्वचा की लोच (Elasticity) का रख-रखाव करने का काम करता है। त्वचा की लोच ठीक रहने से त्वचा झुर्रियों से बची रहती हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

एजिंग से बचे रहने के लिए आप गाजर का रोजाना सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, नीचे बताए जा रहे गाजर के फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में एक बार कर सकते हैं –

  • एक छोटे आकार का गाजर लें और उसे ग्रांइड कर पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट में दो अंडे के सफेद और तीन-चार चम्मच नींबू के रस को मिलाएं।
  • इस मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें और चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाएं।
  • फेस पैक सूख जाने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।
  • हफ्ते में एक से दो बार यह फेस पैक लगाया जा सकता है।

4. सूर्य की तेज किरणों से बचाव

गाजर में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है (21), जो सूर्य की हानिकारक किरणों से त्वचा को बचा सकता है। यह त्वचा के टिशू की मरम्मत करता है और पैराबैंगनी किरणों के खिलाफ सुरक्षा कवच बनाता है। सन बर्न जैसी स्थितियों से बचने के लिए रोजाना गाजर का सेवन कर सकते हैं। खासकर, गाजर का जूस इस मामले में ज्यादा फायदेमंद होगा, जो शरीर और त्वचा को हाइड्रेट रखने का काम भी करेगा।

5. सूखी त्वचा के लिए

सूखी त्वचा से बचने के लिए आप रोजाना गाजर का जूस पी सकते हैं। गाजर पोटैशियम और विटामिन-ई से समृद्ध होती है (14)। ये दोनों पोषक तत्व शरीर को डिहाइड्रेट से बचाने का काम करते हैं।

6. हीलिंग क्षमता

आपको जानकर हैरानी होगी कि गाजर का इस्तेमाल घाव, सूजन और कटने के उपचार के लिए किया जा सकता है। गाजर एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होती है (22), जो घावों या फिर चोट को भरने का काम करती है। घाव या फिर कटने-जलने की स्थिति में आप कसी हुई गाजर को प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।

नपुंगसकता के कारण
खान पान में कमी,डायबिटीज होना,अत्याधिक नशा करना, अप्राकृतिक संबध।
गंभीर ऑपरेशन का होना, किडनी या लीवर का खराब होना, मनावैज्ञानिक कारण।
अधिक मात्रा में धूम्रपान और शराब का सेवन करना, हार्मोन्स की कमी की वजह से भी पुरूष नपुसंग हो सकते हैं।

पुरूषों में नपुसंकता के लक्षण
संभोग के समय जल्दी से थक जाना, इंद्री में कठोरता की कमी होना, आत्मविश्वास में कमी होना, इंद्री का छोटा हो जाना, घबराहट लगना, संभोग के लिए उत्तेजना ना होना आदि।
पौरूष शक्ति को बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय
1. हमेंशा सर्दी हो या गर्मी गुड का सेवन अवश्य करें।
2. शरीर हमेंशा बलवान रहेगा यदि आप गरम दूध के साथ शतवारी का चूर्ण मिश्री के साथ लेते हैं।
3. शरीर की थकान और शरीर को उर्जावान बनाने के लिए पांव के तलवों पर पानी की धार 10 मिनट तक डालें। निश्चित ही फायदा होगा।
4. तुलसी के 2 पत्तों को हमेशा खाएं कभी बीमार नहीं पड़ोगे।
5. सुबह और शाम गाय के दूध का सेवन करना चाहिए।
6. पाचन शक्ति के लिए काली मिर्च, सूखा करी पत्ता, लौंग और सोंठ को पीसकर आधा चम्मच दूध के साथ मिलाकर सेवन करें ।
7. ताकत और उर्जा पाने के लिए शिलाजीत को दूध के साथ हमेशा पींये।
8. अश्वगंधा का सेवन दूध के साथ लेने से भी आपकी शक्ति बढ़ती है।
आम-दो से तीन महीने तक आम का रस पीने से नपुंसकता दूर होती है। यह शरीर की कमजोरी को दूर करके आपको उत्तेजित करती है।
गाजर-गाजर वीर्य को गाढ़ा बनाता है। और इसके सेवन से मर्दों की कमजोरी दूर होती है।
शहद-दूध के साथ शहद मिलाकर पीने से शरीर को बल मिलता है और यह नपुंसकता को भी दूरत करता है।
छुहारा-रोज सुबह दूध में भिगोए हुऐ छुहारों को खाने से पुरूष शक्ति बढ़ती है।
नपुंसकता के रोगियों को आयुवेर्दिक उपायों के अलावा अन्य उपाय जैसे खुले मैदान में घूमना, किसी पार्क में घूमना, सूर्य उगने से पहले टहलना और नदी के किनारे घूमना आदि करना चाहिए। प्राकृतिक हवा और पानी आपके अंदर स्फूर्ति और ताकत पैदा करती है।
नपुंसकता के इलाज के लिए आप पांच ग्राम मिश्री के दानें और पांच ग्राम ईसबगोल की भूसी को रोज सुबह के समय खाएं और इसके उपर दूध पी लें। इस उपाय से शीध्रपतन और नपुंसकता दोनों दूर होती हैं।

नपुसंकता के लिए घरेलू उपाय
1. बताशा भी आपकी शरीर की शक्ति को बढ़ाता है। इसलिए बताश्े में आक के तेल की 1 से 2 बूंद डालकर सेवन करें।
2. 2 से 3 ग्राम आक के तेल को तिल के तेल में मिलाकर अपने शरीर और अंगों की मालिश करें।
3. गाजर के 100 ग्राम हलुवे में 1 बूंद आक का दूध मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करें।
4. मूली के बीजों को पीस लें और उसे नित्य दही के साथ चाटने से भी लाभ मिलता है।
5. मर्दाना शक्ति को बढ़ाने के लिए आप सूखा मेवा कम से कम 2 या अधिक माह तक सेवन कर सकते हो।
6. लहसुन की 100 ग्राम मात्रा को घी के साथ भून कर पीस लें और दो चुटकी मठ्ठे या फिर दही के साथ ले।
7. नियमित रूप से छाछ का सेवन करें।
8. मानसिक तनाव को दूर करने के लिए केला अधिक से अधिक खायें। केले में पाये जाने वाले पोटशियम पुरूषों के लिए लाभदायक होता है।
9. अदरक भी आपकी ताकत को बढ़ाता है 1 चम्मच शहद में अदरक का रस डालकर सेवन करना चाहिए।
घी, प्याज का रस, अदरक का रस और शहद को आपस में बराबर मात्रा में मिला लें और इसका सेवन लगातार कम से कम एक माह तक जरूर करें। इस उपाय से भी नपुसंकता की समस्या ठीक हो जाएगी।
पौरूष शक्ति को बढ़ाने के लिए पुरूषों को अधिक खट्टी चीजों के सेवन से बचना चाहिए साथ ही तेज मिर्च मसाले आदि से भी बचना चाहिए ये सेहत के लिए सबसे खतरनाक होते हैं।

विशेष आयुर्वेदिक चूर्ण और च्यवनप्राश जो बढ़ाता है यौन शक्ति आपके शरीर के लिए यह चूर्ण पोष्टिक रसायन है इसके सेवन से बल ओर वीर्य की वृद्धि होती है- अत्यधिक स्त्री प्रसंग या किशोरावस्था में अप्राकृतिक ढंग से वीर्य का ज्यादा दुरूपयोग करने से वीर्य पतला हो जाता है तथा शुक्रवाहिनी शिराएं भी कमजोर हो जाती है ओर फिर वे वीर्य धारण करने में सफल नहीं हो पाती है – जिसके परिणाम स्वरूप स्वप्नदोष-शीघ्रपतन-वीर्य का पतला पन-पेशाब के साथ ही वीर्य निकल जाना आदि विकार उत्पन्न हो जाते है इन विकारों को दूर करने के लिए आप इस चूर्ण का उपयोग करना आपके लिए हितकर है- निम्नांकित फायदे होते हैं- यह रसायन के गुण से युक्त है आपकी धातु की रक्षा करता है वीर्य (Semen ) की वृधि करके आपको सामर्थवान बनाने में सक्षम है ये शरीर की पुष्टता बढाता है एक बाजीकरण योग है स्त्री सम्भोग के लिए वीर्य के उत्पादन को बढाता है इसलिए कमजोर व्यक्ति को एक बार अवस्य ही इसका प्रयोग करके इसके गुणों को जांचना और परखना चाहिए क्युकी ये किसी वरदान से कम नहीं है – सेवन करने से कमजोर से कमजोर पुरुष भी सम्भोग के लिए ताकतवर बन जाता है

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