घरेलु टिप्स – इन चीजों को दैनिक रुटीन मे शामिल करने से मिलेगा तनाव से छुटकारा

जब कभी भी आपको अपनी प्लेट में कुछ हरी सब्जी डालने के लिए कहा जाता हैतो सबसे पहली चीज़ जो आपके दिमाग में आती है वो है ‘ पालक’ । हमने बहुत से कार्टून भी देखे हैं जिसमें सुपरहीरोज़ को पालक खाने के बाद सुपरपावर्स मिल जाती थीं। हमने अपने बड़ों को इसके खास होने के बारे मे बात करते हुए बहुत सुना है। पर इसके पीछे एक कारण हैजिसकी वजह से पालक ताकत से जुड़ा हुआ है।

क्या आप जानते हैं कि अगर आप हर दिन में 100 ग्राम पालक खाते हैं तब आपके शरीर में बस 23 कैलोरीज़ ही बढ़ेगी। जितना ज़्यादा न्यूट्रियेन्ट्स ये आपको देता है उसकी तुलना में यह बहुत कम है।

पालक एक ऐसा पौष्टिक आहार जिसमें हर तरह के जरूरी विटामिन होते है जैसे कि विटामिन एसीके फोलिक एसिड्स कैल्शियम और आयरन । आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि पालक में 91% असल में पानी ही है। तो इसका सेवन करने से आपका शरीर हाइड्रेटेड भी रहता है।

ये सारे न्यूट्रिएंट्स आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ा सकते हैं और आप को संपूर्ण कल्याण का वरदान भी देंगे । पर इसका सेवन बस कुछ ही दिनों करना या फिर 1 दिन करके एक हफ्ते न करना कोई ज्यादा अंतर नहीं दिखा सकेगा। इसके सारे लाभों का फायदा उठाने के लिए आपको इसका सेवन हर रोज करना चाहिए।

क्या आपको लगता है कि इसे जारी रखना बहुत मुश्किल है ? पर हम आपको ऐसे एक दो नहीं पूरे सात कारण बता रहे हैंजो आपको हर रोज पालक खाने के लिए प्रेरित करेंगे।

1. वजन कम करना होगा ज्‍यादा आसान – पालक एक कम कैलोरी वाला भोजन है। इसमें पानी की उच्च मात्रा है और फाइबर युक्त हैजो बेहतर पाचन और भोजन के अवशोषण में मदद करता है। इसके कारणआपका चयापचय संतुलित रहेगा और आपका वजन कम हो जाएगा।

2. आपके रक्त परिसंचरण में सुधार आएगा – पालक में पानी की मात्रा रक्त की चिपचिपाहट को नियंत्रण में रखती है और इसे बेहतर प्रवाह में मदद करती है। हम सभी जानते है कि आयरन की जरूरत हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने के लिए आवश्यक होती है। यदि वह नियंत्रण में हैतो आपके रक्त को अच्छी तरह से ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। साथ हीआयरन नई लाल रक्त कोशिकाओं के री जेनरेशन में भी मदद करता है।

पालक में भी उच्च मात्रा में नाइट्रेट होते हैंजो आपके शरीर में रक्त के दबाव को नियंत्रित करने के लिए जाने जाते हैं। इसके कारणआपके हृदय पंप और प्रसारित करने के लिए रक्त की एक उपयुक्त मात्रा मिलती है।

3. आपकी त्वचा ग्‍लो करने लगती है – क्या आपने कभी कोलेजन शब्द के बारे में सुना हैखैरयह एक प्रकार का प्रोटीन है जो आपकी त्वचा को संरक्षित करता है। कोलेजन आपकी त्वचा की बनावट,चमक और लोच को बनाए रखने में मदद करता है। हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि पालक इन्हीं चीजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। इसीलिए जब आप इसे दैनिक रूप से खाना शुरू कर देते हैंतो आपकी त्वचा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय परिवर्तन होते हैं।

4. आपका तनाव कम होता है – पालक के कई फायदे हैन केवल आपके शरीर के लिएबल्कि आपके दिमाग के लिए भी। जर्नल ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसारपालक में तनाव विरोधी और अवसादरोधी गुण होते हैं जो आपको परिस्थितियों के सबसे कठिन दौर में भी शांत रखते हैं।

5.आपकी हड्डियां मजबूत बनती हैं –  महिलाओं को ऑर्थोपेडिक जैसी स्थिति विशेष कर 35 के बाद अनुभव होती है। यदि अभी से ध्यान नहीं दिया गया हैतो यह ऑस्टियोपोरोसिस यानी छिद्रपूर्ण हड्डियों के रूप में गंभीर समस्या बन सकती हैजिसमें बोन्‍स के टूटने का खतरा बना रहेगा।

लेकिनपालक खाने से आप अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकती हैं और इसमें विटामिन के और कैल्शियम की उपस्थिति के कारण बोन हेल्‍थ अच्‍छी रहती है। मूल रूप सेविटामिन के सबसे आवश्यक पोषक तत्वों में से एक यह भी है जो हड्डियों की मजबूती और हड्डियों के उपचार के लिए आवश्यक हैं।

6. आप चोटों से जल्‍दी उबर सकती हैं – क्या आप जानते है कि पोपी इतनी मजबूत क्यों थीऐसा इसीलिए है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत अच्छी थी। पालक में मौजूद खनिज मांसपेशियों के ऊतकों को पुनर्जीवित करने में और शरीर में हुई किसी भी इंजरी को रिपेयर करने का काम करता है।

7. आंखों की रोशनी होती है बेहतर – लैपटॉप स्क्रीन और हमारे स्मार्टफोन के ज्यादा उपयोग से आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैंलेकिन यदि आप पालक का सेवन करते हैतो यह आपके लिए कोई समस्या ही नहीं है।पालक ल्यूटिन और जेक्सेंथिन का एक समृद्ध स्रोत है जो मूल रूप से आंखों के अनुकूल पोषक तत्व प्रदान करता है। यह दोनों तत्व मोक्‍यूलर डिजनरेशन की संभावना को कम करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा यदि आप हमेशा धूप में रहते हैतो आपका रेटिना क्षतिग्रस्त होने की संभावना रहती है। लेकिन अगर आप पालक को अपने दैनिक आहार में शामिल करते हैतो आप ऐसी स्थिति को आने से पहले ही रोक सकते है।

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12 घंटे बाद -धूम्रपान से दूरी बनाने के 12 घंटे के बाद खून में कॉर्बन मोनोऑक्साइड के स्तर में कमी आने लगती है, यह गैस हृदय सहित अन्य अंगों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित करती है।
-व्यक्ति को सिरदर्द, मिचली, एकाग्रता में कमी, झुंझलाहट और आंखों के सामने धुंधलापन छाने की शिकायत भी सता सकती है, अंगों के खराब होने का जोखिम भी बना रहता है।

24 घंटे बाद -रक्त प्रवाह, हृदयगति, ब्लड प्रेशर का स्तर सुधरने से हृदय सामान्य रूप से काम करने लगता है और हार्ट अटैक से मौत के खतरे में आने लगती है।
-हालांकि, इस दौरान खांसी की समस्या बढ़ सकती है क्योंकि शरीर फेफड़ों में जमे कफ को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज कर देता है।

48 घंटे बाद -नाक और मुंह की निष्क्रिय नसों के एक बार फिर सक्रिय हो जाने से व्यक्ति की स्वाद और गंध महसूस करने की क्षमता लौट आती है।
-हालांकि, यह समय संयम बनाए रखने के लिहाज से बेहद अहम है क्योंकि खून में निकोटीन का स्तर गिरने से सिगरेट की तलब बढ़ जाती है।

72 घंटे बाद -फेफड़ों में सूजन घटने से श्वासगति में सुधार आता है, श्वासनली भी खुलना शुरू हो जाती है।
-कफ और कीटाणुओं को श्वासनली में जमने से रोकने वाले ‘सीलिया’ भी दोबारा पनपने लगते हैं।

एक हफ्ते बाद -निकोटीन की तलब शांत होने लगती है, कफ का उत्पादन घटने और ‘सीलिया’ के सक्रिय होने से खांसी की समस्या से भी निजात मिलती है।

एक महीने बाद -फेफड़ों की कार्य क्षमता में 30 फीसदी तक का सुधार आता है, चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने या कसरत करने के दौरान सांस जल्दी नहीं फूलती।

एक साल बाद -धूम्रपान करने वाले लोगों के मुकाबले हार्ट अटैक से जान जाने का जोखिम 50 फीसदी तक घट जाता है, सर्दी-जुकाम, खांसी के प्रति संवेदनशीलता भी घटती है।

दस साल बाद -फेफड़ा रोगों का शिकार होने की आशंका आधी रह जाती है, नसें खुलने के साथ ही खून के खक्के जमने के खतरे में उल्लेखनीय कमी आती है।

15 साल बाद
-हायेस ने बताया कि सिगरेट छोड़ने के 15 साल बाद व्यक्ति के हार्ट अटैक या दिल की बीमारियों से दम तोड़ने का खतरा धूम्रपान करने वालों के बराबर हो जाता है।

खतरनाक
-तंबाकू दुनियाभर में हर साल 81.2 लाख लोगों की जान लेता है।
-70 लाख मौतें इनमें से तंबाकू का सीधे इस्तेमाल करने से होती हैं।
-12 लाख मासूम सिगरेट के धुएं के संपर्क में आकर दम तोड़ देते हैं।
-80% तंबाकू की लत के शिकार लोग गरीब-विकासशील देशों में रहते हैं

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डायबिटीज में लाभकारी
हल्दी डायबिटीज के रोगियों के लिए लाभकारी है। इसके लिए हल्दी को  एक चम्मच आंवले के रस, एक चम्मच शहद और एक चम्मच गिलोय के रस के साथ मिलाकर पिएं।

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दूध के साथ हल्दी का सेवन 
हल्दी, मंजिष्ठा, गेरू, मुलतानी मिट्टी, गुलाब जल, एलोवेरा एवं कच्चे दूध को मिलाकर लेप तैयार करें। इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आता है। हल्दी वाला दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक पैदा होती है।

यदि आप नजले, जुकाम, खांसी से परेशान हैं, तो गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं, इससे लाभ होगा।
रोज सुबह खाली पेट गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर सेवन करें, तो शरीर के दर्द, पेट के रोग आदि से छुटकारा पा सकते हैं।

रक्त की सफाई करे हल्दी 
हल्दी के सेवन से रक्त साफ होता है।  इसके सेवन से रक्त में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। अगर चोट लगने पर तेजी से खून बह रहा है, तो आप उस जगह तुरंत हल्दी डाल दें।  इससे खून बहना रुक जाएगा।

स्त्रियों के लिए हल्दी का उपयोग 
महिलाओं में होने वाले श्वेत प्रदर या ल्युकोरिया जैसे रोगों में हल्दी अत्यंत गुणकारी औषधि है। इसके लिए पांच ग्राम हल्दी और अंजीर के तीन टुकड़े का सेवन करने से लाभ होता है।

’हल्दी, खाने वाला चूना और शहद का लेप  बना कर इसे मोच, ऐंठन, चोट  या शरीर में आई सूजन वाली जगह पर लगाने से तुरंत लाभ होता है।
’एनीमिया, पीलिया, बवासीर, सांस के रोग और लगातार हिचकी आने की स्थिति में हल्दी और काली मिर्च के धुएं  को सूंघने से लाभ होता है।

अनियमित पीरियड्स- अनियमित या लंबे समय तक दर्द के साथ पीरियड्स का रहना PCOS का सबसे आम संकेत है. जैसे, साल में 9 पीरियड्स से कम होना, दो पीरियड्स के बीच में 35 दिनों से ज्यादा का अंतराल और असामान्य रूप से बहुत ज्यादा पीरियड होना.

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’चर्म रोगों में एक चम्मच कच्ची हल्दी और एक चम्मच आंवले के रस को पानी के साथ लेने से लाभ होता है।
’देसी घी से यदि दुर्गंध आ रही हो, तो उसे दूर करने के लिए हल्दी के पत्तों को पीसकर घी के साथ उबाल लें। इसके बाद इसे छान लें। इससे घी की दुर्गंध दूर हो जाएगी।
’खुजली, दाद या त्वचा पर चकत्ते पड़ जाने पर हल्दी को गौ मूत्र के साथ मिलाकर इसका लेप प्रभावित जगह पर लगाएं, इससे जल्द आराम मिलेगा।

मोटापा दूर करे 
मोटापा कम करने के लिए हल्दी, नीबू, पुदीना, तुलसी और अदरक को आपस में मिलाकर चटनी बना लें। इसका नियमित सेवन करें, मोटापे पर काबू पाने में सफलता मिलेगी।

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मौसमी रोगों में फायदेमंद
’हल्दी की गांठों को नियमित रूप से चूसने से खांसी में राहत मिलती है। खांसी में हल्दी को भूनकर आधा चम्मच शहद या देसी घी के साथ खाने से भी लाभ होता है।
’जुकाम होने पर हल्दी पाउडर या हल्दी की गांठ को चूल्हे पर गर्म कर इससे निकलने वाले धुएं को सूंघें, लाभ होगा।
’सिरदर्द होने या चक्कर आने पर हल्दी का लेप सिर पर लगाने से लाभ होता होता है।
बरतें सावधानी

हल्दी का सेवन 3 से 5 ग्राम की मात्रा में ही करना चाहिए। विशेष स्थिति में आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से इसका सेवन करना चाहिए।

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कुछ दिन बाद मुझे ऑनलाइन एक शख्स मिला। इस शख्स की लंबी दाढ़ी थी और सिर पर लंबे बाल थे। ये शख्स उस फल को लाने के लिये हमेशा कोंगो के जंगलों में आता जाता रहता था। मैंने उससे बात की और कुछ कम पैसों में ही उसे मना लिया। कुछ दिन बाद उसने मेरे घर उस जादुई फल का थोड़ा सा मिश्रण भिजवा दिया। जब ये मिश्रण आया तो मैं काफी नर्वस था। मैं अंदर से डरा हुआ था, लेकिन मुझे ये भी पता था कि मेरे पास खोने के लिये कुछ नहीं है। फिर उस रात बड़ी हिम्मत करके मैंने इसे खाना शुरू कर दिया।

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एक हफ्ते बाद, मैं हर रोज की तरह सुबह उठा और शीशे की तरफ जाने लगा। मुझे पता था कि रोज की तरह आज भी मुझे शीशा निराश ही करेगा। जैसे ही मैंने अपने सिर की तरफ थोड़ा ध्यान दिया तो मेरी आंखे खुली की खुली रह गईं। क्या ये सच था… मेरे सिर पर बाल फिर से उग रहे थे।

मेरी हैरानी का कोई ठिकाना नहीं था, लेकिन ये डर भी मेरे दिल में था कि कहीं ये नए बाल कुछ वक्त के लिये ही ना हों.ऐसा ना हो कि ये जैसे उगे हैं वैसे गिर भी जाएं ? इसी शक को दूर करने के लिये मैंने बाल उगाने के इस एक जादुई फॉर्मूले को अगले हफ्ते भी खाना जारी रखा।

अद्भुत! दूसरा हफ्ता आते आते मेरा सिर जहां-जहां से गंजा हो चुका था, वो छोटे छोटे नए बालों से भरने लगा! मैं पूरी तरह से शॉक्ड था, नए बाल और वो भी सिर्फ 2 हफ्ते में ? मैंने बतौर डॉक्टर और बाल झड़ने वाले शख्स के तौर पर इतने सालों में ये पहली बार देखा था।

सबसे बढ़िया पार्ट तो तब आया जब मैं इस हेयर री-स्टोरेशन ट्रिक को इस्तेमाल करते तीसरे हफ्ते में पहुंच गया। मैं और मेरी पत्नी दोनों शॉक्ड रह गए, जब हमने देखा कि मेरी हेयरलाइन फिर से बालों से भर गई है और जहां जहां से बाल टूट रहे थे वहां पर वो घने हो गए हैं, ऐसा सालों में पहली बार हुआ था। मेरे बाल क्या उगना शुरू हुए मेरी पत्नी का मेरी तरफ व्यवहार बिलकुल बदलने लगा, मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरी लव लाइफ इतनी अच्छी हो गई जितनी कभी भी नहीं थी।

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बाल बढ़ाने के इस एक चमत्कारी तकनीक पर मैंने पहले दिन से भरोसा किया। मैंने इसे बिना भूले इस्तेमाल किया और उसका बोनस ये मिला कि मेरा अटरैक्टिव लुक मुझे वापस मिल गया। काम करते वक्त अस्पताल की खूबसूरत लड़कियां अब जानबूझकर मेरे कंधे पर हाथ रख कर मुझसे फ्लर्ट करती हैं। हमारी रिसेप्सनिष्ट अब रात को 9 बजे मुझे किसी भी बहाने से मैसेज भेजकर बात करने की कोशिश करती है। नर्सें तो मुझे कहतीं कि आप अपने नए बालों में बहुत “सेक्सी” लग रहे हो, हमारे साथ भी कभी फिल्म देखने चलो। मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में इतना कॉन्फिडेंट फील नहीं किया था। संडे के दिन जब मैं अपना पुराना हेयरस्टाइल बनाकर फिल्म देखने गया तो मेरे सभी दोस्त हैरान रह गए। कुछ दोस्तों ने जब मुझे पहली बार देखा तो वो पहचान भी नहीं पाए और हो भी क्यों ना ये सब इतनी जल्दी हुआ था कि मुझे खुद विश्वास नहीं हो रहा था।

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बिस्तर से उठते ही मूत्र त्याग के पश्चात उषा पान अर्थात बासी मुँह 2-3 गिलास शीतल जल के सेवन की आदत सिरदर्द, अम्लपित्त, कब्ज, मोटापा, रक्तचाप, नैत्र रोग, अपच सहित कई रोगों से हमारा बचाव करती है।

भोजन के प्रारम्भ में मधुर-रस (मीठा), मध्य में अम्ल, लवण रस (खट्टा, नमकीन) तथा अन्त में कटु, तिक्त, कषाय (तीखा, चटपटा, कसेला) रस के पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

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यदि #नींद न आने की शिकायत है, तो रात्रि में सोते समय तलवों पर सरसों का तेल लगाएँ।*

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ankit1985

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Thu Oct 22 , 2020
जब कभी भी आपको अपनी प्लेट में कुछ हरी सब्जी डालने के लिए कहा जाता है, तो सबसे पहली चीज़ जो आपके दिमाग में आती है वो है ‘ पालक’ । हमने बहुत से कार्टून भी देखे हैं जिसमें सुपरहीरोज़ को पालक खाने के बाद सुपरपावर्स मिल जाती थीं। हमने अपने बड़ों को इसके […]
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