घरेलु टिप्स – ब्यूटी प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाना है तो जरूर अपनाये ये टिप्स

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खूबसूरती निखारने और ब्यूटी प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाने के लिए लड़कियां महंगे प्रोडक्ट्स, क्रीम्स व ट्रीटमेंट का सहारा लेती हैं। मगर, आपकी किचन में ही ऐसी कई चीजें मौजूद है, जो आपकी सुंदरता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसी ही घरेलू चीजों के बारे में बता जा रहे हैं, जिससे आप बिना किसी साइड इफैक्ट व कम खर्च के अपनी सुदंरता निखार सकती हैं। चलिए आपको बताते हैं कि बेदाग व निखरी त्वचा पाने के लिए घरेलू नुस्खे…

ओट्स – ओट्स में सैपोनिन कंपाउंड व एंटी-बैक्टीरियल पाया जाता है जो नैचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। इससे डेड स्किन सेल्स के साथ ब्लैकहेड्स भी दूर हो जाते हैं। साथ ही इससे त्वचा में मौजूद एक्स्ट्रा ऑयल भी निकल जाता है।
कैसे करें इस्तेमाल? – 2 चम्मच ओट्स और 1 चम्मच शहद को मिक्स करके चेहरे पर 10 मिनट स्क्रब करें। इसके बाद कुछ देर छोड़ दें और फिर ताजे पानी से धो लें। हफ्ते में 2-3 बार ऐसा करें।
कद्दू – कद्दू ना सिर्फ सेहत बल्कि त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। कद्दू एक एक्सफॉलिएट की तरह काम करता है और इससे स्किन मॉइश्चर भी होती है। इसमें कैरोटिनॉयड्स नामक एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जिससे स्किन का टेक्सचर बेहतर बनता है। साथ ही इससे त्वचा में मौजूद एक्स्ट्रा ऑयल भी निकल जाता है।
कैसे करें इस्तेमाल? – इसके लिए 1 चम्मच कद्दू के पल्प में 2 टेबलस्पून दही, 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर चेहरे पर 30 मिनट लगाएं। फिर ताजे पानी से मुंह धो लें। ऐसा हफ्ते में कम से कम 2 बार करें।
मेयोनीज – मेयोनीज का इस्तेमाल सिर्फ सैंडविच बनाने के लिए ही नहीं बल्कि खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है। साथ ही इससे चेहरे की रंगत में भी फर्क पड़ता है और त्वचा हाइड्रेट भी रहती है।
कैसे करें इस्तेमाल? – 2 चम्मच मेयोनीज, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच पिसी हुई चीनी व ओट्स और नींबू का रस मिलाएं। फिर चेहरे को साफ करके पैक को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। ध्यान रहे कि आंख, मुंह में यह पैक ना जाए।
संतुलित आहार लें – संतुलित आहार लेने वाले व्यक्ति का मन भी हरा भरा रहता है। इसलिए अगर संभव हो तो ऑर्गेनिक फल व सब्जियों का सेवन करें। शहर में नहीं मिल रही है तो कम से कम फ्रेश चीजों को खाएं। पैकेज्ड फूड्स, मांसाहारी खाना, जंक फूड्स, शराब, सिगरेट, भांग-गांजा इत्यादि का सेवन न करें।
डिप्रेशन की आयुर्वेदिक दवाईयां – डिप्रेशन की आयुर्वेदिक दवाईयों को लेने से पहले किसी आयुर्वेदाचार्य या जानकर से सलाह लें। उनके सुझाव के बगैर कोई भी दवाई या उपचार करने से बचें। यहां पर कुछ दवाईयों के बारे में बता रहा हूं कि जो कि डिप्रेशन के प्रारंभिक अवस्था में ली जा सकती हैं।
  • अश्वगंधारिष्ट
  • सारस्वतारिष्ट

इन दो दवाईयों को मुख्य रूप से डिप्रेशन के इलाज के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर देते हैं। इसके अलावा भी कई दवाईयां और उपचार हैं, जो कि डॉक्टर पीड़ित व्यक्ति की अवस्था को देखने के बाद ही लेने की सलाह देता है।

काउंसलिंग जरूर कराएं- डिप्रेशन से परेशान व्यक्ति को काउंसलिंग जरूर करानी चाहिए। दवाईयों से ज्यादा असरदार काउंसलिंग होती है। इसलिए आपको अपने भीतर लक्षणों को देखने के बाद मनोचिकित्सक से काउंसलिंग करानी चाहिए। इसके लिए शर्म-संकोच न करें और न ही घबराएं। बिना देरी किए हुए ही डॉक्टर से मिलकर अपनी समस्या के बारे में बताएं।

जीवन में संतुलन बनाएं – आप अपने जीवन को संतुलित करने की सोचें। अपने लाइफस्टाइल को बैलेंस करके आप डिप्रेशन को दूर कर सकते हैं या खुद को डिप्रेशन से बचा सकते हैं। यह मामला लाइफस्टाइल से जुड़ा है इसलिए अपने जीवन में संतुलन बनाए रखें। 

डायबिटीज में लाभकारी – हल्दी डायबिटीज के रोगियों के लिए लाभकारी है। इसके लिए हल्दी को  एक चम्मच आंवले के रस, एक चम्मच शहद और एक चम्मच गिलोय के रस के साथ मिलाकर पिएं।

गेहूं के जवारे- गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण समाए होते हैं। गेहूं के छोटे-छोटे पौधों का रस असाध्य बीमारियों को भी मिटा सकता है। इसके रस को ग्रीन ब्लड के नाम से भी जाना जाता है। गेहूं के जवारे का आधा कप ताजा रस रोगी को रोज सुबह-शाम पिलाने से डायबिटीज में लाभ होता है।

मेथी – मधुमेह के उपचार के लिए मेथीदाने के प्रयोग भी लाभदायक होता है। यदि कारण है कि दवा कंपनियां भी मेथी के पावडर को बाजार में लाई हैं। उपयोग के लिए मेथीदानों का चूर्ण बना लें और रोज सुबह खाली पेट दो टी-स्पून चूर्ण पानी के साथ फंकी कर लें। कुछ दिनों में आपको लाभ महसूस होने लगेगा।

अलसी के बीज (फ्लेक्स सीड) – अलसी के बीजों में फाइबर प्रचर मात्रा में पाया जाता है जो पाचन में तो मदद करता ही है साथ ही फैट और शुगर के अवशोषण में भी सहायक सिद्ध होता है। अलसी के बीजों के आटे के सेवन से मधुमेह के मरीजों में शुगर की मात्रा लगभग 28 प्रतिशत तक कम हो सकती है।

दालचीनी – दालचीनी इंसुलिन की संवेदनशीलता को ठीक करने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज के स्तर को भी कम करता है। आधी चम्मच दालचीनी रोज लेने से इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को ठीक किया जा सकता है और वज़न को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

सर्दी में पानी की कमी से बॉडी डीहाइड्रेट हो जाती है, जिससे हाइपोथर्मिया जैसी बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है. शरीर का तापमान असंतुलित होने की वजह से ऐसा होता है. अपने बॉडी टेंपरेचर को मेंटेन रखने के लिए सर्दियों में खूब पानी पिएं और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारी से दूर रहें.

ankit1985

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