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स्तन के बहुत छोटे हो जाने के रोग में स्त्री के स्तन साधारण अवस्था से भी छोटे हो जाते हैं। उनका ऊभार ही नहीं रहता है। ऐसे महिलाओं को दूध भी बहुत कम मात्रा में उत्पन्न होता है। दूसरी भाषा में कहा जाए तो स्त्री का सौंदर्य तो नष्ट होता ही है। साथ ही साथ ऐसी स्त्री से उनका पति तथा अन्य स्त्रियां भी घृणा करती है। किसी महिला में स्तन के छोटे होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। साधारणत्या स्त्री के स्तन छोटे होने के पीछे शारीरिक कमजोरी का माना जाता है। साथ ही साथ यदि कोई स्त्री बहुत ज्यादा दुर्बल एवं कमजोर है। तो ऐसे स्त्रियों के भी स्तन के कमजोर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। साथ ही साथ ऐसी स्त्री जिनके रक्त संबंधित विकार शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे हैं। ऐसी महिलाओं को भी स्तन छोटे होने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। कई बार महिलाओं में स्तन का सही तरीके से ध्यान ना रखने के कारण भी स्तनों छोटे होने लगता है। (छोटे स्तन ढीले स्तन की समस्या को घरेलू नुस्खे से दूर करे)

ऐसी महिलाएं जिनके स्तनों में ठीक तरीके से रक्त का संचार नहीं हो रहा हो। ऐसे महिलाओं में भी स्तन छोटा होना शुरू हो जाता है। कई बार स्तन छोटे होने के पीछे हार्मोन संबंधित समस्याओं को भी बताया जाता है। ऐसी महिलाएं जिनके शरीर के अंदर हार्मोन का स्राव ठीक तरीके से नहीं होता है। ऐसी महिलाओं के स्तन छोटे होने लगते हैं। कई बार स्तन छोटे होने के पीछे अनुवांशिक कारणों को भी बताया जाता है। स्त्री में कई बार स्तन छोटे होने का कारण उनके अनुवांशिक कारणों को बताया जाता है। ऐसी महिलाएं जिनके माता एवं किसी अन्य सगे संबंधियों के स्तन छोटे हो। इस प्रकार से आगे आने वाली पीढ़ियों में भी स्तन छोटे होने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है। कई बार स्तन छोटे होने के पीछे जन्मजात समस्याओं को बताया जाता है।

आइए आज हम इस जानकारी के माध्यम से जानते हैं। कि ऐसी महिलाएं जिनके स्तन बहुत छोटे हो या जिनके स्तन का विकास ठीक तरीके से नहीं हो रहा हो। या जिनके उभार पता नहीं चल रहा  हो। ऐसी महिलाये कैसे अपने स्तन में होने वाले इस समस्याओं को आसानी से खत्म कर सकते हैं। (छोटे स्तन ढीले स्तन की समस्या को घरेलू नुस्खे से दूर करे)

कई बार स्तन की समस्याओं को सही करने के लिए स्त्रियां रासायनिक दवाइयों का सेवन करते हैं। लेकिन रासायनिक दवाइयों के सेवन करने से स्तनों में बहुत बड़ा विकार उत्पन्न होने की संभावना हो जाती है। पूरे विश्व में स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अपने स्तनों को आकर्षित बनाने के लिए महिलाएं तरह-तरह के रसायनिक दवाइयां इंजेक्शन इत्यादियों का उपयोग करती है। ऐसे में महिलाओं के शरीर के अंदर रासायनिक दवाइयों के उपयोग से होने वाले साइड इफेक्ट शरीर के अंदर कई प्रकार की नयी बीमारी उत्पन्न करने लगती है। साथ ही साथ ऐसी महिलाएं जो पहले से किसी अन्य रोग से ग्रसित हो। और वह अपने स्तन को सुडौल और सुंदर बनाने के लिए रासायनिक दवाइयों का सेवन करते हैं। तो ऐसे में रासायनिक दवाइयों के सेवन करने से उत्पन्न हो रहे साइड इफेक्ट पहले से उत्पन्न हो रहे रोग को बढ़ाने में मदद करती है।

आइए आज हम इस जानकारी के माध्यम से जानते हैं। कैसे हम आयुर्वेदिक दवाइयों के सेवन करने से अपने शरीर के अंदर छोटे हो रहे स्तन को सुडौल और आकर्षित बना सकते हैं। आयुर्वेद में हर एक रोग का उपचार दिया गया है। आज हम इस उपचार के माध्यम से इसइस स्तन रोग की समस्याओं का निदान करेंगे। (छोटे स्तन ढीले स्तन की समस्या को घरेलू नुस्खे से दूर करे)

स्तनों के बहुत छोटे हो जाने में जैतून का तेल रामबाण औषधि माना जाता है। जैतून के तेल के उपयोग करने से किसी भी प्रकार के स्तनों की समस्या में काफी सुधार प्राप्त किया जा सकता है। जैतून के तेल के उपयोग करने के लिए हमें जैतून के तेल को हाथ में अच्छी तरह से मलके हल्के हाथ से अपने स्तनों पर मालिश करना होता है। 1 दिन में तीन से चार बार जैतून के तेल का मालिश हम अपने स्तनों पर कर सकते हैं। जैतून के तेल का उपयोग स्तनों के मालिश करने से स्तन के अंदर रक्त संचार को सही किया जा सकता है। जैतून के तेल उपयोग करने से स्तन  के अंदर रक्त कोशिकाओं में सही तरीके से रक्त संचार होना शुरू हो जाता है। जैतून के तेल से मालिश करने से स्तन की मांसपेशियां पुष्ट हो जाती है। तथा वहां की रक्त संचार सुचारू रूप से होकर, स्नायु बल होकर स्तन को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही साथ जैतून का तेल स्तन को सुदृढ़ करने में मदद करता है।

ऐसी महिलाएं जिनका स्तन बहुत कमजोर है। या बहुत छोटा है। ऐसी महिलाओं को अपने भोजन में दूध, घी, मक्खन आम, अनार, सेब, और मेवा युक्त पदार्थों का सेवन अत्यधिक से अत्यधिक मात्रा में करना चाहिए। यह सभी पदार्थों के सेवन करने से शरीर के अंदर लौह  पदार्थ की कमी को दूर किया जा सकता है। साथ ही साथ यदि शरीर में स्तन बहुत कमजोर हो तो इन सभी पदार्थों के सेवन करने से स्तन में काफी सुधार प्राप्त किया जा सकता है। इन सभी चीजों के सेवन करने से स्तन के साथ साथ कई अन्य तरह के रोगों से भी छुटकारा पाया जा सकता है। (छोटे स्तन ढीले स्तन की समस्या को घरेलू नुस्खे से दूर करे)

छोटे स्तनों के आकार को बड़ा करने में मेथी का उपयोग भी आयुर्वेदिक औषधियों में सबसे अच्छा माना जाता है। मेथी का उपयोग करने के लिए सबसे पहले मेथी के कुछ दाने को अच्छी तरह से धोकर सुखा लें। सूखे हुए बीज को सरसों के तेल में मिलाकर रात भर इसे तेल में घुलने के लिए छोड़ दें। सुबह के समय स्नान करने से पहले मेथी के दाने तेल से अलग कर ले। और इस तेल का मसाज अपने स्तनों पर हल्के हाथ से करें। लगातार 7 से 8 दिन तक अपने स्तनों पर इस तेल का उपयोग करने से आपके छोटे स्तनों में सुधार नजर आना शुरू हो जाएगा।

छोटे स्तनों से परेशान महिलाओं के लिए दूध के साथ पपीता का सेवन करना भी बहुत लाभप्रद माना जाता है। ऐसी महिलाएं जिनके स्तन उम्र के हिसाब से काफी छोटा हो। ऐसी महिलाओं को दूध के साथ पपीता का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए। लेकिन दूध के साथ पपीता का सेवन करने के समय यह बात ध्यान रखना अति आवश्यक है कि ज्यादा इस औषधि के सेवन करने से दस्त एवं उल्टी होने की संभावना अधिक हो जाती है। और इस औषधि के सेवन करने में एक बात और बड़े ध्यान से याद रखना है। कि गर्भवती महिलाओं को इस दवाई का सेवन नहीं करना है। मैं एक बार फिर से आप सभी को यह बता देता हूं। कि गर्भवती महिलाओं को दूध और पपीते का सेवन बिलकुल नहीं करना है। यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। (छोटे स्तन ढीले स्तन की समस्या को घरेलू नुस्खे से दूर करे)

 

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