सर्दियों में हाथ पैर ठंडे रहते है तो इन आयुर्वेदिक टिप्स को अपनाये

सर्दियों में ठंडे हाथ-पैर के उपाय  :- अक्टूबर का महीना खत्म होते ही हलकी-हलकी सर्दिया शुरू हो जाती है। इस दौरान सुबह का मौसम ठंडा और दोपहर का हल्का ठंडा रहता है जबकि रात में तापमान और कम हो जाता है। इस दौरान लोग चद्दर से हलके कम्बल जिन्हें quilt भी कहा जाता है उड़ना शुरू कर देते है। लोग कट स्लीव छोड़ पूरी बाजू के कपड़े पहनना शुरू कर देते है।

ऐसे तो इस मौसम को हेल्थी सीजन के नाम से भी जाना जाता है, जो सत्य भी है क्योकि इसी मौसम में आप हर तरह के हैवी फूड्स का सेवन कर सकते है जो आपको हेल्थी बना सकते है। लेकिन कुछ लोगो के लिए ये मौसम कष्टदायक होता है।

सर्दियों में कपकपी होना और ठंड लगना आम बात है लेकिन कुछ लोगो को इस मौसम में बहुत ठंड लगती है। थोड़ी सी ठंडी हवा चलने से ही उनकी कपकपी छूटने लगती है। इसके अलावा कुछ लोगो के हाथ पैर सुन्न पड़ जाते है। इसके साथ ही वे लगातार काफी घंटो तक ठन्डे रहते है। जिसके कारन बिस्तर में जाने के बाद भी उन्हें नींद नहीं आती।

सामान्य तौर पर सर्दियों में पैर और हाथो का ठंडा होना तो आम है लेकिन अधिक समय तक इनकं ठंडा रहना परेशानी का कारण बन सकता है। सर्दियों में बिस्तर में जाते ही इतना आराम मिलता है की किसी को भी नींद आ सकती है। साथ ही किसी के कितनी ही ठंडे हाथ पैर हो जो गर्म हो जाते है। लेकिन कुछ लोगो के बहुत-2 घंटो तक भी हाथ-पैर ठंडे ही रहते है। यदि आप भी उन्ही व्यक्तिओ में से है तो सचेत हो जाइये क्योकि हो सकता है ये किसी बड़ी परेशानी का संकेत हो।

इसीलिए आज हम आपको हाथ पैरो के ठन्डे होने के कारण और उपाय बताने जा रहे है। यदि आपके हाथ पैर भी सर्दियों में जरूरत से ज्यादा ठन्डे रहते हैं तो इन्हें आजमाकर देखें।

सर्दियों में हाथ-पैर के ठंडे रहने के कारण :-

  • शरीर में रक्त के संचार का बाधित होना।
  • किसी प्रकार का हृदय रोग
  • Low blood pressure
  • शरीर की लंबाई की तुलना में वजन के होना
  • शरीर में वसा की कमी के कारण
  • हाइपो थाइराइड के कारण
  • शरीर में आयरन या विटामिन B-12 की कमी के कारण
  • अत्यधिक तनाव
  • शरीर की प्रतिरोधी क्षमता के होने के कारण
  • एनीमिया के कारण भी हाथ पैर अधिक ठंडे रहते है।
  • मधुमेह की वजह से

सर्दियों में हाथ-पैर के ठंडे रहने के उपचार :-

– सर्दियों में शरीर में पानी की कमी न होने दें। पुरे दिन में कम से कम 2 लीटर पानी का सेवन करें। बेहतर होगा यदि आप पानी हल्का गुनगुना करके ही पियें। चसय कॉफ़ी के सेवन से बचे और सब्जियो के सूप और ग्रीन टी का सेवन करें। ये आपका स्वास्थ्य अच्छा रखने में मदद करेंगे।

– यदि आपके हाथ पैर भी बहुत ठंडे रहते है तो नहाने से पहले शरीर पर घर्षण स्नान करें। अर्थात अपने शरीर को हथेलियों से रगड़े और फिर नहाये। इसके लिए सबसे पहले अपने हथेलियों से शरीर को रगड़ लें ताकि वो गर्म हो जाये उसके बाद ही स्नान करें। अंत में रोयेंदार तौलिया से पूरा शरीर पोंछ लें।

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ankit1985

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