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ल्यूकोरिया या सफेद पानी की समस्या महिलाओं में आम है। इसे श्वेत प्रदर या White Discharge भी कहा जाता है। ल्यूकोरिया में महिला के प्राइवेट पार्ट से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा तरल पदार्थ निकलना शुरू हो जाता है। ल्यूकोरिया होने पर महिलाओं के शरीर में इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। आमतौर पर ये परेशानी शादी-शुदा महिलाओं को ज्यादा होती है। मगर ल्यूकोरिया किसी भी उम्र की लड़की या महिला को किसी भी उम्र में हो सकता है।
ल्यूकोरिया महिलाओं में अक्सर होने वाली एक आम समस्या है, जो ज्यादातर महिलाओं या युवतियों में होती है। ल्यूकोरिया, जिसे श्वेत प्रदर या सफेद पानी की समस्या भी कहा जाता है, अलग-अलग कारणों से होती है।
1 ल्यूकोरिया का सबसे बड़ा कारण ठीक से सफाई न होना है। अत: योनि की सफाई और उसे सूखा रखना बेहद जरूरी है, अन्यथा संक्रमण फैलने से यह समस्या हो सकती है।
2 मासिक धर्म के समय भी सफाई का विशेष ध्यान रखें। हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलते रहें और हल्के गर्म पानी से योनि मार्ग की सफाई करें, ताके कीटाणु न रहें। सूती अंतर्वस्त्रों का प्रयोग करें और दिन में दो बार अंतर्वस्त्रों को बदलें।
कमजोरी के कारण भी ल्यूकोरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं, अत: अपने आहार पर विशेष ध्यान दें। पर्याप्त पोषण युक्त चीजों का सेवन करें और स्वस्थ रहने का प्रयास करें।
शरीर में खून की कमी भी ल्यूकोरिया का कारण बन सकती है। इस स्थिति से बचने के लिए आयरन से भरपूर चीजों का सेवन करें, ताकि हीमोग्लोबिन का स्तर कम न हो।
रात को पानी में अंजीर भिगोकर रखें और सुबह गुनगुने पानी में इसे पीसकर खाली पेट सेवन करें। इसके अलावा रोजाना केले का सेवन भी इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार है।
ल्‍यूकोरिया महिलाओं की एक आम समस्या है, जो कई महिलाओं में पीरियड्स से पहले या बाद में एक या दो दिन सामान्‍य रूप से होती है। ल्‍यूकोरिया का अर्थ है, महिलाओं की योनि से श्वेत, पीले, हल्‍के नीले या हल्के लाल रंग का चिपचिपा और बदबूदार स्राव का आना। यह स्राव अधिकतर श्वेत रंग का ही होता है। इसलिए इसे श्वेत प्रदर का नाम दिया गया है। इसकी मात्रा, स्थिति और समयावधि अलग-अलग महिलाओं में अलग-अलग होती है।

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