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शलभासन आसन

By on October 8, 2015

salabhaasana

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शलभासन आसन शलभ का अर्थ हैं टिड्डी या पतंग इस आसन से शरीर की स्थिति टिड्डी के समान हो जाती है इसलिए इस आसन का नाम शलभासन है

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विधि –

  1. असान पर पेट के बल सीधे एलईटी जाइये हाथ शरीर के अगल- बगल रहेंगे दोनों पैर एक साथ जमीन से लगे रहेंगे ठुड्डी जमीन से सटी होगी
  2. अब गहरी श्वास खींचते हुए मुट्ठियाँ बांधिए और दोनों हाथों पर ज़ोर देकर दोनों पैरों को जितना हो सके साथ- साथ ऊपर उठाइये
  3. घुटने न मुड़ें जितनी देर त श्वास रोके रह सकें उतनी ही देर तक
  4. इस अवस्था में रहें तत्पश्चात पैरों को धीरे- धीरे जमीन पर रखें दो तीन बार इसे कर सकते है
  5. इस आसन को जब केवल एक पैर से करते हैं तो उसे अर्धशलभासन कहते हैं

लाभ –

छाती चौड़ी होती है और मेरुदण्ड के निचले हिस्से में लोच आता है पेट के सभी रोग कब्जादि दूर होजाते हैं यकृत तथा गुर्दे रोगों में लाभ करता है हर्निया मधुमेह में लाभकारी है इसके करने से नाभि नहीं टलती

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