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  • बर्बादी के संकेत

    सपने कई बार सच भी होते हैं। सपनों में नहीं देखनी चाहिए कुछ चीजें। बुरे का संकेत हैं ये चीजें। कई लोग सपने के नाम से बहुत खुश होते...

    • Posted March 17, 2017
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  • मीटिंग लम्बे सम्य तक कैसे  करने का कुछ टिप्स
    मीटिंग लम्बे सम्य तक कैसे करने का कुछ टिप्स

    हर व्यक्ति अपना वैवाहिक जीवन खुशहाल रखना चाहता है। जिसके लिए वह हर संभव प्रयास भी करता है। लेकिन कई बार व्यक्ति को कुछ ऐसी बीमारियां घेर लेती है...

    • March 16, 2017
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  • व्यक्तित्व और सेक्स का अर्थ एवं प्रकार
    व्यक्तित्व और सेक्स का अर्थ एवं प्रकार

    व्यक्तिगत विकार का मतलब पर्सनालिटी डिसऑर्डर। अपनी फीलिंग्‍स पर काबू नही रख पाते हैं  पीडि़त। यौन संबंध बनाने के लिए हो जाते है ज्यादा उत्साहित। होमोसेक्‍सुअल गतिविधियों में भी...

    • March 16, 2017
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  • कुछ सहनशक्ति बढ़ाने के टिप्स
    कुछ सहनशक्ति बढ़ाने के टिप्स

    बर्पी में शरीर की मसल्‍स पर बेहतर ढ़ंग से काम होता है। बर्पी के अभ्यास से अपनी स्ट्रेंथ को बढ़ाया जा सकता है। बर्पी में स्‍क्‍वाट, पुश-अप और जंपिंग...

    • March 9, 2017
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  • प्राकृतिक आवास और संरचना गिलोय, बेल के रूप में देश के लगभग हर कोने में पाई जाती है। खेतों की मेंड़, घने जंगल, घर के बगीचे, मैदानों में लगे पेड़ों के सहारे कहीं भी गिलोय की बेल प्राकृतिक रूप से अपना घर बना लेती है। इसके पत्ते देखने में पान की तरह और हरे रंग के होते हैं। समय होने पर इसमें गुच्छे में छोटे लाल बेर से कुछ छोटे फल भी लगते हैं। वैज्ञानिकों ने गिलोय के पौधे में से विभिन्न प्रकार के तत्वों को प्राप्त किया है। गिलोय में बरबेरिम, ग्लुकोसाइड गिलाइन आदि रासायनिक तत्व पाए जाते हैं। इसके काण्ड से एक स्टार्च (गुडूची सत्व) निकलता है, जो त्रिदोषशामक है। स्वास्थ्य लाभ गिलोय के 10 इंच का टुकड़ा और तुलसी के 8-10 पत्ते लेकर पेस्ट बना लें। उसको पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। इसको दिन में 2 बार लेने से बुखार उतरता है। बच्चों और बड़ों, दोनों में दृष्टि कमजोर हो जाना सामान्य दोष है। 10 मिली गिलोय का रस, शहद या मिश्री के साथ सेवन करने पर दृष्टि लाभ निश्चित है। रक्त विकार के कारण पैदा होने वाले रोगों जैसे खाज, खुजली, वातरक्त आदि में शुद्ध गुगुल के साथ लेने से लाभ होता है। इससे अमृतादि गुग्गलू बनाया जाता है। गिलोय का काढ़ा मूत्र विकरों में भी लाभदायक है। गिलोय के काढ़े में अरंडी का तेल मिलाकर सेवन करने से जटिल संधिवात रोग भी दूर होता है। गिलोय के अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं। विशेषज्ञों ने पाया कि गिलोय में रोग प्रतिरोधक प्रणाली के आलावा कई तरह के बेहतर गुण हैं। इसके एंटी-स्ट्रेस और टॉनिक गुणों को भी क्लीनिकली प्रमाणित किया जा चुका है। बच्चों में इसके बहुत अच्छे नतीजे प्राप्त हुए, कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि गिलोय या अमृता पर यथा नाम, तथा गुण सही बैठता है।
    अमृत या गिलोय के रस के अनेक फायदे

    आयुर्वेद में गिलोय को अमृत बेल भी कहा जाता है। कारण है, न तो यह खुद मरती है और न ही सेवन करने वाले को कोई रोग होने देती...

    • March 9, 2017
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  • Talk about Kamasutra lifestyle
    कामसूत्र जीवनशैली के बारे में बात

    कामसूत्र… यह नाम सुनते ही आपके मन-मस्तिष्‍क में सबसे पहला शब्‍द आता होगा सेक्‍स। लेकिन, क्‍या कामसूत्र को केवल सेक्‍स से जोड़कर देखना ठीक होगा। शायद नहीं… कामसूत्र जीवनशैली...

    • March 9, 2017
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