जानिए कैसे आयुर्वेद में गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण रूप में औषधि के तौर पर दर्ज किया गया है

आयुर्वेद में गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण रूप में औषधि के तौर पर दर्ज किया गया है। इसकी जड़ से लेकर फूल तक, हर एक चीज किसी न किसी बीमारी के लिए रामबाण है। देखने में गुड़हल का फूल बहुत ही खूबसूरत होता है

इसे आपने अक्सर अपने घर की बागवानी में या फिर पार्क में लगे देखा होगा। वैसे तो आमतौर पर गुड़हल का फूल लाल रंग का ही देखने को मिलता है लेकिन आपको बता दें कि  इस फूल का रंग गुलाबी, सफेद, पील और बैंगनी भी होता है।

गुड़हल का वैज्ञानिक नाम हिबिस्कस सब्दरिफा (Hibiscus Sabdariffa) है। इसको हिबिस्कस फ्लावर के नाम से भी जाना जाता है।

इस फूल में कई तरह के पोषक तत्व भी पाये जाते हैं जैसे कि – कैल्शियम, आयरन, वसा, विटामिन सी और फाइबर। गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं में किया जाता है।

भगवान की पूजा में इस्तेमाल होने वाला ये पवित्र फूल बालों के अलावा त्वचा यानि कि स्किन और डेली रुटीन से जुड़ी अनेक परेशानियों व रोगों में भी फायदेमंद होता है।

किडनी स्टोन 

अगर आपको किडनी स्टोन है तो इसमें भी गुड़हल की चाय फायदेमंद रहेगी। इससे किडनी स्टोन की समस्या में लाभ मिलेगा। इसके लिए रोजाना रात में खाना खाने से 1 घंटा पहले चाय का सेवन करें।

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Fri Jan 24 , 2020
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