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आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में थकान हो जाती है. काम करते हुए हम अक्सर अपनी सेहत का ख्याल रखना भूल जाते हैं. ऐसी लाइफस्टाइल से शरीर को कई नुकसान होते हैं. कभी आंखें खराब हो जाती हैं तो कभी कमर दर्द. थकान तो हर समय बनी रहती है. आइए जानते हैं कुछ ऐसी बातें जिनपर ध्यान देकर आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं.

क्‍या आपका दिल छोटी-छोटी बातों में घबराने लगता है? अचानक से मन बेचैन हो उठता है और दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं? उस वक्‍त समझ नहीं आता कि क्‍या करें? ऐसे में मन को शांति नहीं मिलती? यदि ऐसा है तो आप घबराहट यानी एंग्‍जाइटी डिसऑर्डर के शिकार हैं। यह एक प्रकार का मानसिक विकार है। मेडिकल भाषा में एंग्जाइटी डिस्‍ऑर्डर को स्नायुतंत्र पर अधिक दबाव पड़ना भी कहते हैं। इसके रोगियों की संख्‍या बढ़ रही है, समय पर इस समस्‍या का इलाज न होने पर यह धीरे-धीरे फोबिया में बदल जाता है। हालांकि घबराहट के दौरे को नियंत्रित करने के कई उपचार मौजूद हैं जैसे-दवाईयां, साइकोथैरेपी आदि। लेकिन दवाओं का सेवन आपके लिए एक नशे की लत की तरह हो सकता है। इसलिए आपको प्राकृतिक विकल्‍पों को चुनना चाहिए। आइए मन को शांत करने के ऐसे ही कुछ सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्‍पों के बारे में जानते हैं।

कैमोमाइल चाय

चिकित्सा और रोगनाशक गुणों के कारण कैमोमाइल चाय का उपयोग दवा के रूप में काफी समय से किया जाता रहा है। इसके मौजूद एंटी-इफ्लेमेंटरी और शांत रहने वाले गुण घबराहट के इलाज में आपकी मदद करते हैं, साथ ही नर्वस को शांत रखने में मदद करते हैं। इसमें अलावा कैमोमाइल में मौजूद कुछ तत्‍व वैलियम जैसे मादक पदार्थों के तरह मस्तिष्‍क को रिसेप्टर्स करने के लिए बाध्य करती है। कैमोमाइल की चाय बनाने के लिए एक कप पानी में सूखे कैमोमाइल के दो चम्‍मच मिलाकर अच्‍छे से उबाल लें। फिर इसमें शहद की एक चम्‍मच मिला लें। इस गर्म चाय को दिन में तीन बार लें। यह मस्तिष्‍क को शांत रखने के साथ आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा देती है।

एल-थिएनाइन या ग्रीन टी

ग्रीन टी व्‍यापक रूप से एंटीऑक्‍सीडेंट गुणों और स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के कारण जानी जाती है। एल-थिएनाइन ग्रीन टी में एक एमिनो एसिड है। शोधों से पता चला है कि एल-थिएनाइन बढ़ी हृदय गति और रक्‍तचाप पर अंकुश लगाने में मदद करता है, और कुछ मानव अध्‍ययन के अनुसार, यह घबराहट को कम करने में भी आपकी मदद करता है। एक अध्‍ययन के अनुसार, 200 मिलीग्राम एल-थिएनाइन लेने से परीक्षण के दौरान चिंता की आंशका वाले विषय में छात्रों ने बहुत ही शांत और अधिक ध्‍यान केंद्रित कर परीक्षण दिया।

ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड एंग्जाइटी के लक्षणों को कम करने और शरीर में तनाव केमिकल के स्‍तर जैसे एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल को कम कर मूड को अच्‍छा करने में मदद करता है। फैटी फिश जैसे ट्यूना और सालमन, अखरोट और अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत अच्‍छा स्रोत है। एक इजरायली अध्‍ययन के दौरान जिन छात्रों को फिश ऑयल सप्‍लीमेंट दिये गये उनके खाने और सोने की आदतों, कोर्टिसोल का स्तर, और मानसिक स्‍तर के द्वारा मापने पर एंग्‍जाइटी कम देखने को मिली।

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